Thursday, 5 November 2015

चंदन ,चंदन का तेल,एवं भारत की समृद्धी

चंदन संतालम एल्बम ( फॅमिली सेंतेलेसी ) एक काष्ठीय पेड़ हैं. भारत उपमहाद्वीप  में पाया जाता हैं. चन्दन की लकड़ी दूसरी सबसे महंगी लकड़ी के स्थान पर है .इसके बुरादे से जलवाष्प आसवन के द्वारा तेल की प्राप्ति होती है . ये एक अत्यधिक रोगग्रसित पौधे की श्रेणी में आता है . इसके फल, पत्ते, छाल, जड़, एवं तना उपियोगी है. टिशु कल्चर के द्वारा रोगमुक्त पौधों को लगा कर स्वस्थ पेड़ प्राप्त किए जा रहें हैं . लकड़ी के वजन का ६-७% तेल प्राप्त होता है . चंदन की जीनोम संचरचना एवं. टिशु के द्वारा तेल कैसे बनता है , इसके बारे में  ज्ञात नहीं है. जीन के मैनुपुलेषन से तेल की मात्रा एवं कम समय में कोशा  के अन्दर तेल की मात्रा बढ़ा सकते हैं.
सदिओं से प्रकृति में गामा विकिरण के द्वारा अत्यधिक धीमी गति से म्यूटेशन  का  कार्य होता आया है. सदिओं का काम प्रयोगशाला में शीघ्र किआ जा सकता है, जिसमे गामा विकिरण एवं रासायनिक पदार्थ मुख्य हैं.
म्युटेशन का उपियोग निम्न लिखित बिन्दुओं पर केन्द्रित है:
  1. तेल की मात्रा सबसे ज्यादा पेड़ की २०-२५ वर्ष की आयु में होती है, जिसको कम कर सकते हैं.
  2. ६-७% तेल की  मात्रा को बढ़ा कर २०-२५% किआ जा सकता है .
  3. तेल के साथ अन्य उत्पाद की मात्रा बढाई जा सकती है.
  4. अन्य पेड़, जिनकी लकड़ी चंदन के स्थान में उपयोग की जाती है,उनमे चंदन की खुशबू समय के साथ नष्ट हो जाती है, इस खुशबू को हमेशा के लिए लकड़ी पर  स्थापित करना है.
Orwa C, A Mutua, Kindt R , Jamnadass R, S Anthony. 2009 Agroforestree Database:a tree reference and selection guide version 4.0 

http://www.worldagroforestry.org/sites/treedbs/treedatabases.asp

https://www.iaea.org/newscenter/multimedia/videos/gc56/180912/foodfuture/index.html

Kole, Chittaranjan (Ed.) Wild Crop Relatives: Genomic and Breeding Resources Forest Trees SpringerLink
A. N. Arun Kumar*, Geeta Joshi and H. Y. Mohan Ram CURRENT SCIENCE,  2012 ,VOL. 103, NO. 12, 25